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🤔 23 मई 2024 बुद्ध पूर्णिमा बौद्ध महोत्सव की सभी को हार्दिक बधाई और मंगलकामनाए 💐

🤔 23 मई 2024 बुद्ध पूर्णिमा बौद्ध महोत्सव की सभी को हार्दिक बधाई और मंगलकामनाए 💐

👉बुद्ध पूर्णिमा क्या है और क्यों मनाते हैं?
बुद्ध पूर्णिमा को त्रिविधपावनी बुद्ध पूर्णिमा कहते हैं क्योंकि पूर्णिमा को ही भगवान बुद्ध की सिद्धार्थ गौतम के रूप में लुमबिनी में जन्म हुआ था और पूर्णिमा को बोध गया में बुद्धत्व का ज्ञान मिला था जिससे बुद्ध बने थे और पूर्णिमा के दिन ही सारनाथ में प्रथम धम्म उपदेश देकर बुद्ध धम्म की शुरुआत किया था। और पूर्णिमा के दिन ही तथागत गौतमबुद्ध का कुशीनगर में महापरिनिरवाण हुआ था
इस प्रकार से पूर्णिमा को ही भगवान बुद्ध का
👉जन्म दिवस
👉 ज्ञान दिवस
👉 मृत्यु दिवस
है इसलिए ही इसे बुद्ध पूर्णिमा कहते हैं इसलिए ही तीनों कारण से ही बुद्ध पूर्णिमा बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है और पूरी दुनिया में बुद्ध पूर्णिमा को बौद्ध महोत्सव के रूप में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।
👉बुद्ध पूर्णिमा कैसे मनायें?
आज जरूरत है हम सभी को अपने अपने गाँवों में सड़कों पर गली गली में बुद्ध धम्म का प्रचार प्रसार करने के लिए ज्यादा से ज्यादा बुद्ध पूर्णिमा मनाने की
बुद्ध पूर्णिमा के दिन अपने गांवों में बुद्ध विहार में अगर बुद्ध विहार नहीं है तो गली में ही ऊंचे स्थान पर भगवान बुद्ध और बाबा साहब डॉ आंबेडकर की फोटो या तस्वीर रखकर सभी लोगों से फूल उनके चरणों पर डलवायें और बुद्ध वंदना त्रिशरण पंचशील और बाबा साहब डॉ आंबेडकर की 22 प्रतीज्ञाएं और पेरियार रामास्वामी नायकर के पंद्रह सवाल पढ़ायें और मीठा जल या खीर या फल जो भी आप कर सकते हैं अल्प आहार या भोजन बितरण करायें।
अपने अपने घरों में पंचशील का ध्वज लगायें और मोमबत्तियां और बिजली की लाईटे जलाकर प्रकाश करें सायं 7-9 बजे पुनःसभी लोग अपने अपने घरों एकसाथ बैठकर बुद्ध वंदना त्रिशरण पंचशील का पाठ करें और बाबा साहब डॉ आंबेडकर की 22 प्रतीज्ञाएं और पेरियार रामास्वामी नायकर के पंद्रह सवाल पढें और भगवान बुद्ध की शिक्षाओं पर चलने का शपथ खायें।

☸बुद्ध धम्म क्या है??? ☸

👉पहले जानो
👉 फिर मानो
👉फिर उस चलने की कोशिश करो

☸बुद्ध ने ज्ञान के सार को कुल
55 बिंदुओं में इस प्रकार से समझ सकते हैं ☸
👇👇👇👇👇👇👇
👉 चार – आर्य सत्य
👉 पाँच – पंचशील
👉 आठ – अष्टांगिक मार्ग और
👉 अड़तीस – महामंगलसुत –
💎 बौद्ध धम्म के चार आर्य सत्य-(संसार की असली सच्चाई )💎
🔴1. दुनियाँ में दु:ख है,
⚫2. दु:ख का कारण है,
🔵3. दु:ख का निवारण है, और
⚪4. दु:ख के निवारण का उपाय है,

पंचशील 🖐(जीवन जीने की शैली
👇
1.अकारण हत्या न करना ,
2.चोरी न करना ,
3.व्यभिचार न करना ,
4. झूठ न बोलना ,
5. नशापान/मद्यपान नहीं करना।
👌👌👌👌👌👌
✔अष्टांगिक मार्ग-RIGHTWAY OF LIFE (मध्यम मार्ग )
👇
1. सम्यक् दृष्टि /Right view
2. सम्यक् संकल्प / Right intention
3. सम्यक् वाणी / Right speech
4. सम्यक् कर्मांत/ Right action
5. सम्यक् आजीविका/ Right livelihood (profession)
6. सम्यक् व्यायाम / Right exersie (physical activity)
7. सम्यक् स्मृति / Right mindfulness
8. सम्यक् समाधि / Right meditation (Vpasana Meditation)

💐💐💐💐💐💐💐
तथागत बुद्ध ने 38 प्रकार के मंगल कर्म बताये हैं जो महामंगल सुत – (मानव के भलाई ) के नाम से भी जाना जाता है, निम्न प्रकार हैं-
👇
1. मूर्खों की संगति न करना,
2. बुद्धिमानों की संगति करना,
3. शीलवानों की संगति करना,
4. अनुकूल स्थानों में निवास करना,
5. कुशल कर्मों का संचय करना,
6. कुशल कर्मों में लग जाना,
7. अधिकतम ज्ञान का संचय करना,
8. तकनीकी विद्या अर्थात् शिल्प सीखना,
9. व्यवहार कुशल एवं विनम्र होना,
10. विवेकवान होना,
11. सुंदर वक्ता होना,
12. माता -पिता की सेवा करना,
13. पुत्र-पुत्री,स्त्री का पालन- पोषण करना,
14. अकुशल कर्मों को न करना,
15. बिना किसी अपेक्षा के दान देना,
16. धम्म का आचरण करना
17. सगे- सम्बंधियों का आदर – सत्कार करना,
18. कल्याणकारी कार्य करना,
19. मन, शरीर तथा वचन से पर पीड़क कार्य न करना,
20. नशीली पदार्थों का सेवन न करना,
21. धम्म के कार्यों में तत्पर रहना,
22. गौरवशाली व्यक्तित्व बनाए रखना,
23. विनम्रता बनाए रखना,
24. पूर्ण रूप से संतुष्ट होना अर्थात तृप्त होना,
25. कृतज्ञता कायम रखना,
26. समय समय पर धम्म चर्चा करना ,
27. क्षमाशील होना,
28. आज्ञाकारी होना,
29. भिक्षुओ, शीलवान लोगों का दर्शन करना,
30. मन को एकाग्र करना,
31. मन को निर्मल करना,
32. सतत जागरूकता बनाए रखना ,
33. पाँच शीलों का पालन करना,
34. चार आर्य सत्यों का दर्शन करना,
35. आर्य अष्टांगिक मार्ग पर चलना,
36. निर्वाण का साक्षात्कार करना,
37. लोक धम्म लाभ हानि, यश -अपयश, सुख-दुख,जय-पराजय से विचलित ना होना,
38. शोक रहित, निर्मल एवं निर्भय होना।
👈👈👈👈👈👈👈
🌺तीन शरण है 🌺

1-बुद्ध
2-धम्म
3-संघ

💎💎💎पारमिता 💎💎💎
पारमिता का अर्थ है पार हो जाना अर्थात पराकाष्ठा तक पहुंच जाना।
जो व्यक्ति शीलों और अषटांगिक मार्ग पर चलते हुए दस पारमिताओं को पार कर लेता बुद्धत्व को प्राप्त कर लेता है
दस पारमिताएं निम्नलिखित है ।
👉 1-शील पारमिता
👉 2-दान पारमिता
👉 3-नैषककरम पारमिता
👉 4-वीर्य पारमिता
👉 5-शांति पारमिता
👉 6-सत्य पारमिता
👉 7-अधिष्ठान पारमिता
👉 8-प्रज्ञा पारमिता
👉 9-मैत्री पारमिता
👉 10-उपेक्षा पारमिता

अगर कोई अपने दैनिक जीवन में इन 38 मंगल कर्मों का पालन करने लग जाये, तो उसके जीवन से सारे दुःख एवं परेशानियाँ हमेशा के लिए दूर हो जायेंगी।
👌👌👌👌👌👌👌
उम्मीद है कि गृहस्थ- जीवन में बुद्ध की शिक्षाओं के अनुरुप जीवन जीने के लिए ईच्छुक साधकों को आज पूर्ण जानकारी उपलब्ध हो गयी है।
👏 नेक सुझाव 👇
बाबा साहब डॉ आंबेडकर द्वारा लिखित भगवान बुद्ध और उनका धम्म पढें
बुद्धिज्म के क्षेत्र में डूबकी लगाने वालों को “त्रिपिटक ग्रन्थों ” का अध्ययन करना चाहिए ।
किंतु, गृहस्थ जीवन सफल और सम्मानित तरिके से जीने और निर्वाण प्राप्त करने के लिए यहाँ दी गई 55 बातें ही काफी (सफिसियेंट) हैं।
👇👇👇👇👇👇👇
तो आईये-बुद्ध के बताये मार्ग पर चलकर जीवन -यापन करें और धार्मिक आडंबरों और पाखंडों से दूर रहें।

जो लोग ब्राह्मणों के आंडबर पाखंड और ऊंच नीच भेदभाव की जातियों को छोड़ चुके हैं,
सभी बौद्ध है,
खुद को बौद्ध बोलें,
और धर्म के स्थान पर बुद्ध धम्म लिखना शुरू करें,
धम्म दीक्षा सर्टिफिकेट चाहते हैं??
तो निम्नलिखित बुद्ध वंदना और त्रिशरण और पंचशील को ध्यान पूर्वक पढें और बाबा साहब डॉ अंबेडकर की 22 प्रतिज्ञाओं का पालन करते हुए अपना जीवन जीयें और धम्म दीक्षा सर्टिफिकेट नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके तुरंत ही रजिस्ट्रेशन करें और धम्म दीक्षा सर्टिफिकेट प्राप्त करें
www.nainbuddha.org.in
www.buddhalive.in
और प्रिंट निकाल कर अपने पास रख लें।

☸ बुद्ध वंदना (पालि में)☸

नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मासमबुद्धस्स.
नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मासमबुद्धस्स.
नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मासमबुद्धस्स.

☸त्रिशरण☸
बुद्धं शरणं गच्छामि.
धम्मं शरणं गच्छामि.
संघं शरणं गच्छामि.

दुतियम्पि बुद्धं शरणं गच्छामि.
दुतियम्पि धम्मं शरणं गच्छामि.
दुतियम्पि संघ शरणं गच्छामि.

ततियम्पि बुद्धं शरणं गच्छामि.
ततियम्पि धम्मं शरणं गच्छामि.
ततियम्पि संघ शरणं गच्छामि.

☸पंचशील☸
1-पाणातिपाता वेरमणी सिक्खापदं समादियामि.
2-अदिन्नादाना वेरमणि सिक्खापदं समादियामि.
3-कामेसु मिच्छाचारा वेरमणी सिक्खापदं समादियामि.
4-मुसावादा वेरमणि सिक्खापदं समादियामि.
5-सुरामेरयमज्जपमादट्ठाना वेरमणि सिक्खापदं समादियामि.

भवतु सब्ब मङ्गलं!

साधु! साधु! साधु!

☸बुद्ध वंदना (हिंदी में)☸
मैं भगवान अरहत सम्यक समबुद्ध को नमस्कार करता हूँ.
मैं भगवान अरहत सम्यक समबुद्ध को नमस्कार करता हूँ.
मैं भगवान अरहत सम्यक समबुद्ध को नमस्कार करता हूँ.

☸त्रिशरण☸
मैं बुद्ध की शरण जाता हूँ.
मैं धम्म की शरण जाता हूँ.
मैं संघ की शरण जाता हूँ.

दूसरी बार मैं बुद्ध की शरण जाता हूँ.
दूसरी बार मैं धम्म की शरण जाता हूँ.
दूसरी बार मैं संघ की शरण जाता हूँ.

तीसरी बार मैं बुद्ध की शरण जाता हूँ.
तीसरी बार मैं धम्म की शरण जाता हूँ.
तीसरी बार मैं संघ की शरण जाता हूँ.

☸पंचशील☸

1-मैं अकारण प्राणि-हिंसा न करने की शिक्षा ग्रहण करता हूँ.
2-मैं बिना पूर्व स्वीकृति के किसी की कोई वस्तु न लेने की शिक्षा ग्रहण करता हूँ. अर्थात मैं चोरी नहीं करुँगा.
3-मैं व्यभिचार न करने की शिक्षा ग्रहण करता हूँ.
4-मैं झूठ बोलने, बकवास करने, चुगली करने से विरत रहने की शिक्षा ग्रहण करता हूँ.
5-मैं कच्ची या पक्की शराब, मादक द्रव्यों के सेवन, प्रमाद के स्थान से विरत रहने की शिक्षा ग्रहण करता हूँ.

सबका मंगल हो!
साधु! साधु! साधु
बाबा साहब डॉ अंबेडकर ने बुद्ध धम्म दीक्षा ग्रहण करने के लिए हमें 22प्रतिज्ञाएं दी हैं,

जो निम्नलिखित हैं👇
👉 1-मैं ब्रह्मा, विष्णु और महेश में कोई विश्वास नहीं करूँगा/करूंगी और न ही मैं उनकी पूजा करूँगा/करूंगी।
👉 2-मैं राम और कृष्ण, जो भगवान के अवतार माने जाते हैं, में कोई आस्था नहीं रखूँगा/रखूंगी और न ही मैं उनकी पूजा करूँगा/करूंगी।
👉 3-मैं गौरी, लक्ष्मी, गणपति, हनुमान, दुर्गा, काली, संतोषी, खाटू श्याम, शनिदेव, गंगा मैया, करवा चौथ, घर के देवता, कुल देवता और हिन्दुओं के अन्य देवी-देवताओं में आस्था नहीं रखूँगा /रखूंगी, और न ही मैं उनकी पूजा करूँगा/करूंगी।
👉 4-मैं भगवान के अवतार में विश्वास नहीं करता हूँ/करती हूं।
👉 5-मैं यह नहीं मानता/मानती और न कभी मानूंगा/मानूंगी कि भगवान बुद्ध विष्णु के अवतार थे. मैं इसे पागलपन और झूठा प्रचार-प्रसार मानता/मानती हूँ।
👉 6-मैं श्रद्धा (श्राद्ध) में भाग नहीं लूँगा/लूंगी, और न ही पिंड-दान दूँगा/दूंगी।
मै कभी भी मृत्यु भोज नहीं करूंगा/करूंगी और किसी के मृत्यु भोज में भोजन नहीं करूंगा /करूंगी ।
👉 7-मैं बुद्ध के सिद्धांतों और उपदेशों का उल्लंघन करने वाले तरीके से कार्य नहीं करूँगा/करूंगी।
मै कोई भी त्योहार जैसे कि होली, दीवाली, दसहरा, नौ रात्री, रक्षाबंधन, करवा चौथ, शिव रात्री, कृष्ण जन्माष्टमी, हनुमान जयंती आदि नहीं मनाऊंगा /मनाऊंगी।
👉 8-मैं ब्राह्मणों द्वारा निष्पादित होने वाले किसी भी समारोह को स्वीकार नहीं करूँगा/करूंगी।
ब्राह्मणों द्वारा कोई भी कर्मकांड जैसे विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण, कथा भागवत, शांति पाठ आदि नहीं कराऊंगा /कराऊंगी।
👉 9–मैं मनुष्य की समानता में विश्वास करता/करती हूँ।
👉 10-मैं समानता स्थापित करने का प्रयास करूँगा/करूंगी।
👉 11-मैं बुद्ध के आष्टांगिक मार्ग का अनुशरण करूँगा/करूंगी।
👉 12-मैं बुद्ध द्वारा निर्धारित परमितों का पालन करूँगा/करूंगी।
👉 13–मैं सभी जीवित प्राणियों के प्रति दया और प्यार भरी दयालुता रखूँगा /रखूंगी तथा उनकी रक्षा करूँगा/करूंगी।
👉 14-मैं चोरी नहीं करूँगा/करूंगी।
👉 15-मैं झूठ नहीं बोलूँगा/बोलूंगी।
👉 16–मैं कामुक पापों को नहीं करूँगा/करूंगी।
👉 17-मैं बीड़ी, सिगरेट, गुटका, तम्बाकू, शराब,चरस, अफीम, भांग, धतूरा ड्रग्स जैसे मादक पदार्थों का सेवन नहीं करूँगा/करूंगी।
और पूजा पाठ पाखंड आडंबर हवन व्रत धूप-बत्ती अगरबत्ती नहीं करूंगा /करूंगी और न ही कभी कांवड़ ढोने जाऊंगा /जाऊंगी।
👉 18-मैं बुद्ध धम्म के तीन तत्वों – ज्ञान, शील और करूणा पर ढालने का प्रयत्न करूंगा /करूंगी।
👉 19-मैं हिंदू धर्म का त्याग करता /करती हूँ जो मानवता के लिए हानिकारक है और उन्नति और मानवता के विकास में बाधक है क्योंकि यह असमानता पर आधारित है, और स्व-धर्मं के रूप में बौद्ध धर्म को अपनाता /अपनाती हूँ।
👉 20-मैं दृढ़ता के साथ यह विश्वास करता/करती हूँ की बुद्ध का धम्म ही सच्चा धर्म है।
👉 21-मुझे विश्वास है कि मैं फिर से जन्म ले रहा /रही हूँ (इस धर्म परिवर्तन के द्वारा).
👉 22-मैं गंभीरता एवं दृढ़ता के साथ घोषित करता /करती हूँ कि मैं इसके (धर्म परिवर्तन के) बाद अपने जीवन का बुद्ध के सिद्धांतों व शिक्षाओं एवं उनके धम्म के अनुसार मार्गदर्शन करूँगा/करूंगी।

.💐डा बी.आर. अम्बेडकर💐

देश से जातिवाद की बीमारी को खत्म करने के और अम्बेडकर वादी सरकार बनाने के लिए हमें तीन और प्रतीज्ञाएं लेने की जरूरत है
👉 1-मै, कभी भी किसी भी हिन्दू मंदिर नहीं जाऊँगा /जाऊँगी, और ना ही कभी ब्राह्मणों और बाबाओं को दान दूँगा /दूँगी.
👉 2-मै भी कभी भी किसी भी पार्टी के मनुवादी (हिन्दू धर्म मानने वाले) उम्मीदवार को वोट नहीं दूँगा /दूँगी.
👉3-मै दृढ़तापूर्वक मानूंगा /मानूंगी कि बाबासाहब डॉ भीमराव आंबेडकर द्वारा लिखित भारतीय संविधान ही भारत का राष्ट्रीय ग्रंथ है और भारतीय संविधान की रक्षा अपने अंतिम सांस तक करूंगा/करुंगी ।

जय भीम-नम्मों बुध्दाय💐👏

🙏🏼भवतु सब्ब मंगलं🙏🏼 बुद्ध पौर्णिमेनिमित्त हार्दिक शुभेच्छा गौतम बुद्धांना विनम्र अभिवादन सत्यशोधक शंकरराव लिंगे 💐💐💐💐💐🙏🙏🙏🙏
🔴शिवक्रांती टीव्ही न्यूज
🌹💐💐💐💐💐💐💐
ज्याची कोणी दखल घेत नाही अशा, अन्याय अत्याचार भ्रष्टाचार बेकायदेशीर काम होत असेल तर त्याची बातमी, आपल्याकडील विशिष्ट बातम्या लेख काही गुनिजन गुणवंत यांची यशोगाथा, समाज उपयोगी मार्गदर्शन लेख नोकरी विषयक बातम्या वाढदिवस रौप्य महोत्सव, सुवर्ण महोत्सव, अमृत महोत्सव, उद्योगधंदयांचे उद्घाटन यशस्वी उद्योगाची माहिती तसेच जाहिराती. न घाबरता न लाजता आपले लिखाण पाठवा आपल्या बातम्या निर्भीडपणे प्रसिद्ध केल्या जातील
🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼
शिवक्रांती टीव्ही न्यूज संपादक सत्यशोधक शंकरराव लिंगे
७३८७ ३७७८ ०१🙏🏼🙏🏼🙏🏼💐💐💐💐🔴🔴🔴🔴

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